सुकमा में शहीद हुए जवान राम मेहर के पिता ने बेटे के अंतिम संस्कार पर जो किया वो देख आपकी भी आंखें भर आएंगी

सुकमा में शहीद हुए जवान राम मेहर के पिता ने बेटे के अंतिम संस्कार पर जो किया वो देख आपकी भी आंखें भर आएंगी देश की रक्षा के लिए अपना सुख चैन भूलकर महीनों तक अपने घर से दूर रहने वाले सैनिक देश के ख़ास होते हैं, लेकिन दिल उनका भी एक आम आदमी की तरह ही होता है उनके दिलों में भी ख्वाहिशें होती हैं वो भी चाहते हैं कि वो अपने परिवार के साथ कुछ वक्त बिता सकें उनके भी अरमान होते हैं कि वो अपने बच्चों को बढ़ते देख सकें वो भी तरसते हैं अपनी माँ के हाथ का खाना खाने के लिए, लेकिन अपनी भारत माँ की रक्षा की खातिर वो सब भावनाओं, संवेदनाओं को पीछे रख देते हैं और देश के शीष को हमेशा ऊँचा रखने के लिए हंसकर अपने प्राणों की बलि भी दे देते हैं. देश के जवान तो कभी भी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटते चाहे परिस्थितियाँ कितनी ही विपरीत क्यों न हों लेकिन देश के आम नागरिक कई बार अपने कर्तव्यों से मुंह फेर लेते हैं एशो-आराम की जिंदगी जीने वाले लोग सेना के जवानों को निशाना बनाने लगते हैं और मानसिक रूप से दिवालिया कुछ लोग तो सेना के जवानों के बलिदान पर जश्न भी मनाते हैं. बुद्धिजीवी कहलाने वाले ये लोग बुद्धिमानों को भी कलंकित करते हैं और देश को भी. हाल ही में हुए सुकमा हमले ने पूरे देश को सकते में ला दिया इस हमले में देश के 25 जवान शहीद हुए पूरे देश को इन जवानों पर हमेशा नाज़ रहेगा. इन 25 जवानों में से एक शहीद राम मेहर की चिता को आग उनके पिता ने दी लेकिन बेटे की चिता को आग देने से पहले उन्होंने जो किया वो देखकर देशभक्ति की भावना हर हिन्दुस्तानी के दिल में आ जाएगी.