जनता का रूपया जनता के लिए (एम्बुलेंस न० 108)

जनता का रूपया जनता के लिए (एम्बुलेंस न० 108)

2008 में भारत वर्ष में एम्बूलेंस न० १०८ की घोषणा हुई थी और पूरे भारत में 2014 तक यह एम्बूलेंस हर जिले की शान बन चुकी थी| यह एम्बूलेस जन सामान्य के लिए आपातकालीन स्थितयों में मुफ्त सेवाएं प्रदान करती है| इस सेवा को आरम्भ करते वक्त इसे गरीबों और आपातकालीन स्थितियों के लिए एक वरदान के रूप में प्रसारित किया गया था लेकिन यह सेवा प्रशासनिक कार्यों, सड़क दुर्घटना में एवं प्रसव पीड़ित महिला को जिला अस्पताल तक ले जाने भर तक सिमित रह गयी है| यदि किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को जिला से बाहर आपातकालीन स्थिति में जाना पड जाए तो यह कह कर जवाब दे दिया जाता है कि कम एम्बूलेंस होने के कारण जिला से बाहर नहीं जा सकती| जोकि भारत की आजादी के 70वर्ष बाद जबकि पूरी दुनिया के सामने भारत आर्थिक ताकत बनने का दावा कर रहा है एक शर्मनांक विषय है|

भारत सरकार या राज्य सरकारों के इसी उदासीन रवैये के चलते सामाजिक संगठनों को इस दिशा में पहल करनी पड़ी है लेकिन अब सामाजिक संगठनों द्वारा भी इसे एक व्यवसाय के रूप में देखने के चलते जरूरतमंद और गरीब व्यक्ति भी इस लूट का शिकार हो रहा है| जहाँ व्यक्ति अपनी रोटी-रोजी का मुश्किल से जुगाड़ कर पाता है वही ऐसी आपातकालीन स्थितियों में उस पर इस प्रकार का बोझ उसे कर्ज में डूबा देता है जिसका फायदा मौकापरस्त लोग उठाते हैं|

ऐसे में ऐसे लोगों की मदद के लिए CSVP ने पहल की है और जनता का रूपया जनता के लिए कार्यक्रम के तहत विभिन्न जिलों में एम्बूलेंस सेवा आरम्भ करने के लिए जनता से सहयोग की मांग की है| ताकि मात्र तेल खर्च पर जरूरतमंद लोगों के लिए एम्बूलेंस सेवा आरम्भ की जा सके| CSVP कार्यकर्ता जिलों की दूकान-दूकान जा कर इसके लिए चंदा एकत्रित कर रहे हैं| और पारदर्शिता के लिए सभी रसीदों को WWW.CSVPBHARAT.ORG पर भी अपलोड किया जा रहा है|

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