छत्रपति शिवाजी महाराज जयंति, दिल्ली की सफलता पर बधाई

दिनांक फरवरी 19-20, 2018, नई दिल्ली में संभाजी छत्रपति (सदस्य राज्य सभा) के नेतृत्व में छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती समारोह मनाया गया| इस समारोह में भाग लेने के लिए एक दिन पहले से ही छत्रपति शिवाजी के अग्रज न्यु महारास्ट्र भवन, कस्तूरबा गाँधी मार्ग, नई दिल्ली में एकत्रित होने लगे| शिव जन्मोत्सव (पालना) से पहले ही भारतवर्ष से हजारों की संख्या में शिवाजी भक्त यहाँ पहुँच चुके थे| जिस कारण समयानुसार शोभा यात्रा अपने गंतव्य स्थान इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र की ओर रवाना होने के लिए तैयार हो गयी| इस शोभा यात्रा में ढोल नगाड़ों सहित हाथी व घोड़े भी शामिल हुए| देखते ही देखते भव्य शोभा यात्रा दिल्ली की सड़कों की शान बन गयी| पूरा वातावरण जय शिवाजी के नारों के कारण जोश से भरा हुआ था| इन्डिया गेट होते हुए यह यात्रा जब कला केंद्र तक पहुंची तो दिल्लीवासी आश्चर्य से भरे निरंतर चलती झांकियों का नजारा देख कर भाव-विभोर हो रहे थे| वातावरण में गूंजते मराठी व हिंदी नारों को सुनकर सभी आनंदित हो रहे थे| इस भव्य यात्रा को कला केंद्र के (प्रवेश द्वार एक व तीन) दो द्वारों से कला केंद्र में प्रवेश करवाया गया लेकिन फिर भी लगभग 2 घंटे यात्रा को प्रवेश द्वार में प्रवेश करने में लगे| पंक्तिबद्ध, धाराप्रवाह, अनुशाषित छत्रपति शिवाजी की यह भव्य यात्रा बहुत ही शोभायमान हो रही थी|

इस अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमे यात्रा उपरान्त तनिक भी थकावट का अनुभव किए जोश से भरे शिवाजी भक्तों ने छत्रपति शिवाजी महाराज के सम्मान में अपना रक्त देकर कर्तव्य निभाया|

छत्रपति शिवाजी जयंती के अवसर पर भारतीय प्रथम नागरिक माननीय राष्ट्रपति महोदय श्री राम नाथ कोविंद जी ने बतौर मुख्यतिथि शिरकत की| महोदय ने अपने श्रीकमलों से छत्रपति शिवाजी महाराज की मंचासीन सिंहासनस्थ मूर्ति को पुष्पमाला पहनाई| कुलभूषित संभाजी छत्रपति एवं उनकी पत्नी ने भी पुष्पमाला पहनाने में महोदय का साथ दिया| इस अवसर पर एडमिरल सुनील लम्बा जी, जनरल बिपिन रावत जी, जनरल जे. जे. सिंह जी एवं ले. जनरल पी.जे.एस. पन्नू जी सहित अनेकों भारतीय शीर्ष पदाधिकारी मौजूद थे|

कार्यक्रम की शोभा बढाने के लिए अनेकों मराठी-हिंदी रंग-मंच कलाकार भी मौजूद थे, जिन्होंने अपने अपने प्रदर्शन से उपस्थित व्यक्तियों को शिवाजी से छत्रपति शिवाजी महाराज बारे अवगत करवाया| कलाकारों द्वारा प्रस्तुत छत्रपति शिवाजी महाराज की जीवनी पर नाट्यक्रम कार्यक्रम का अत्यंत शोभनीय भाग था, जिसमे महाराज के प्रेरणादायी जीवन पर इतनी सूक्षमता से प्रकाश डाला गया कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए| बिजली के कप्यूटर चलित प्रकाश से नाटक एक विशाल चलचित्र की भाँती लग रहा था| न सर्दी, न गर्मी, खुले आसमान के नीचे इस कला केन्द्र में बैठे दर्शक खुद को भी भूल चुके छत्रपति शिवाजी महाराज की कीर्ति का आनंद ले रहे थे| इस नाट्यक्रम में हाथी और घोड़ों की भूमिका भी सराहनीय थी| आम जनता के लिए इसी नाट्य प्रस्तुति को 20 जनवरी को भी निर्धारित समय पर आरम्भ किया गया जिसमे हजारों दर्शक मौजूद हुए| इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों से अनेकों दल शामिल हुए| और उत्तर भारत में शिवाजी महाराज की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रतिज्ञाबद्ध छत्रपति शिवाजी विद्यार्थी परिषद् के अध्यक्ष गौरव मराठा एवं महासचिव राजेश कुमार बंसल ने सदस्यता अभियान चला कर उपस्थिति दर्ज की| परिषद ने आगुन्तको को अपना-मराठा स्मारिका से भी अवगत करवाया और अपने संगठन द्वारा चलाए जा रहे मिशन की जानकारी भी दी|

धन्य है संभाजी छत्रपति और उनकी अर्धांगिनी, जिनके मस्तिष्क में एक राज्य से बाहर निकल कर राष्ट्रीय स्तर पर भारत की राजधानी दिल्ली में छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती को मनाने का विचार उत्पन्न हुआ| छत्रपति शिवाजी विद्यार्थी परिषद् इस अनुशाषित भव्य समारोह के लिए इस कार्यक्रम के आयोजक, संचालक एवं सभी साथियों को बधाई देता है| जय शिवाजी, जय भवानी|

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